साथी हमारा कौन बनेगा, तुम ना सुनोंगे, कौन सुनेगा, तुम ना सुनोगे, कौन सुनेगा। आ गया दर पे तेरे, सुनाई हो जाए, जिन्दगी से दुखों की, विदाई हो जाए, एक नजर कृपा की डालो, मानूँगा अहसान, मानूँगा अहसान, संकट हमारा, कैसे टलेगा, तुम ना सुनोंगे, कौन सुनेगा, तुम ना सुनोगे, कौन सुनेगा। सुना हमने सभी से, खिवैयां एक ही है, घूम ली सारी दुनियां, कन्हैयां एक ही है, अबकी अबकी, पार लगाओ, मानूँगा अहसान, मानूँगा अहसान, हमको किनारा कैसे मिलेगा, तुम ना सुनोंगे, कौन सुनेगा, तुम ना सुनोगे, कौन सुनेगा। पानी है सर के ऊपर, मुसीबत अड़ गई है, आज हमको तुम्हारी, ज़रूरत पड़ गई है, अपने हाथ से हाथ पकड़ लो, मानूँगा अहसान, मानूँगा अहसान, साथ हमारे कौन चलेगा, तुम ना सुनोंगे, कौन सुनेगा, तुम ना सुनोगे, कौन सुनेगा। तुम्हारे दर पे शायद, हमेशा धरमी आते, आज पापी आया है, श्याम काहे घबराते, हमने सुना है तेरी नज़र में, सब हे एक समान, इसका पता तो आज चलेगा, तुम ना सुनोंगे, कौन सुनेगा, तुम ना सुनोगे, कौन सुनेगा। वो तेरे भक्त होंगे, जिन्हें तुमने है तारा, बता ऐ मुरली वाले, कौन सा तीर मारा, भक्त तुम्हारे भक्ति करते, लेते रहते नाम, काम तो ...